उत्तराखंड में डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना

पंचायतीराज मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा 14वें वित् आयोग की संस्तुतियों के अलोक में ग्राम पंचायतों को समस्त स्त्रोतों से प्राप्त संसाधनों के सदुपयोग हेतु ग्राम पंचायत विकास योजना का निर्माण किये जाने का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है की उतर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 (उत्तराखंड में यथाप्रवत ) की धारा 15 – क के अनुसार ग्राम पंचायत प्रति वर्ष पंचायत क्षेत्र के लिए एक विकास योजना तैयार करेगी, जिस हेतु धारा 41 एवं नियम 219 में वार्षिक आय-व्यय का अनुमान (बजट) तैयार किये जाने का प्रावधान है । राज्य सरकार के द्वारा इस योजना को “डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना” का नाम दिया गया है जिसके अंतर्गत राज्य की ग्राम पंचायतों के द्वारा सहभागी नियोजन एवं जन सहभागिता के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों से व्यापक एवं समेकित ग्राम पंचायत विकास योजना का ड्राफ्ट प्लान तैयार किया जायेगा । १४ वे वित् आयोग की संस्तुतियों के आधार पर पंचायतों में बढ़े हुए संसाधन हस्तांतरण के परिप्रेक्ष्य में आवश्यक है कि पंचायतें मूलभूत सेवाएं प्रदान करने में एक जवाबदेह एवं सक्षम स्थानीय स्वशासन की इकाई के रूप में कार्य क्षमता विकसित करे। डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना में समुदाय, विशेषकर ग्राम सभा की भागीदारी एवं सक्रियता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सामाजिक न्याय एवं आर्थिक विकास के उदेश्यों की पूर्ति की जा सके। इस योजना हेतु नोडल विभाग पंचायतीराज विभाग होगा। जिन ग्राम पंचायतों में सांसद आदर्श ग्राम योजना तथा मनरेगा के अंतर्गत आई. पी. पी. ई. की भावी योजना प्रथक से बनायीं गयी हो ऐसे प्लान को इस योजना में सम्मिलित कर लिया जायेगा। योजनांतर्गत ग्राम पंचायतें वार्षिक एवं दीर्घकालिक (पंचवर्षीय भावी योजना) योजना बना कर विभिन गतिविधियों को अपना ड्राफ्ट प्लान रखेगी।

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